सीरिया के उपविदेशमंत्री ने कहा है कि कुछ अरब देशों ने सीरिया को बर्बाद करने के लिए 137 अरब डालर से अधिक आतंकवादी गुटों की सहायता की है।
सीरिया संकट के बारे में विभिन्न रहस्योदघाटन हर समय से अधिक इस वास्तविकता को स्पष्ट करते हैं कि यह संकट विदेशियों के हस्तक्षेप और कुछ अरब व पश्चिमी देशों के षडयंत्रों का परिणाम है।
अमेरिका और सऊदी अरब की अगुवाई तथा क्षेत्र के कुछ अरब देशों का सहयोग सीरिया में गृहयुद्ध छिड़ने का कारण बना है। इस प्रकार से सात वर्षों से इस देश में गृहयुद्ध और विनाशकारी आतंकवादी हमले जारी हैं।
ब्रिटेन से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र इंडीपेन्डेन्ट ने अभी हाल में उन प्रमाणों को प्रकाशित किया था जो इस बात के सूचक हैं कि सऊदी अरब सीरिया में आतंकवादी गुटों की बड़े पैमाने पर सहायता कर रहा है।
इसी प्रकार ये प्रमाण इस बात के सूचक हैं कि सऊदी अरब ने सर्बिया, बुल्गारिया और अमेरिका से हथियारों की खरीदारी करके सीरिया में दाइश सहित दूसरे आतंकवादी गुटों को दिया है।
समाचार पत्र इंडीपेन्डेट ने लिखा है कि हथियारों की खरीदारी और उन्हें सीरिया में आतंकवादी गुटों को भेजे जाने का प्रमाण सीरिया में आतंकवादियों के तबाह हुए ठिकानों से प्राप्त हुए हैं।
सीरिया की कानूनी सरकार के खिलाफ हो रही विध्वसंकारी कार्यवाहियों के पीछे सऊदी अरब, संयुक्त अरब इमारात और अमेरिका सहित कुछ पश्चिमी सरकारों और जायोनी शासन का हाथ का है परंतु सीरियाई जनता और बश्शार असद की लोकतांत्रिक सरकार ने एक दूसरे के साथ सहकारिता करके विदेशियों के षडयंत्रों को विफल बना दिया।
यह एसी स्थिति में है जब अरब शासकों द्वारा आतंकवादियों के भारी समर्थन और अमेरिकी योजना को लागू करने के कारण इन शासकों को भारी आर्थिक संकट का सामना है और यह अमेरिका की हां में हां मिलाने और उसके समक्ष नतमस्तक होने का परिणाम है।